SELF TALK TECHNIQUES
सेल्फ टॉक का मतलब है खुद से बातें करना, हम सभी लोग बातें तो 24 घंटे करते हैं लेकिन फिर भी हमें कोई फायदा नहीं होता क्यों क्योंकि हमारा तरीका गलत है आपने कभी गौर किया है कि हम कैसी बातें करते हैं, हम हमेशा दूसरों की बातें करते हैं कि उसने क्या किया उसने मेरे साथ ऐसा किया, वैसा किया क्यों कैसे क्या हम इस चक्कर में पड़ जाते आप हर वह बात सोचते हैं जो दूसरों ने आप से कभी किया होता है, क्यों क्योंकि आपने आज तक अपने आप से कुछ कहा ही नहीं आपको कॉन्फिडेंस ही नहीं है अपने आप पर, आपने कभी नहीं सोचा, कि आप भी जीवन में कुछ कर सकते हैं, आपके अंदर भी बहुत क्षमता है यकीन मानिए, जिस दिन आपको अपने आप पर विश्वास हो गया, आपको दुनिया की कोई ताकत, उस उचाई पर पहुंचने से नहीं रोक सकती, जहां आप पहुंचना चाहते हैं।
हमें एक वर्ड मिला है "सेल्फ टॉक" यह जो सेल्फ टॉक है वह बड़ा ही पावरफुल होता है, अगर हम सीधे और सरल शब्दों में कहें, तो हमें सिर्फ और सिर्फ इतना ही कहना है कि, हमारे दिमाग में हमेशा दो टॉपिक होते हैं। जैसे अगर हम कोई काम करना चाहते हैं, तो सबसे पहले हमारे माइंड में यही बात आती है, कि काम होगा या नहीं❓
हमारे अंदर चल रहे, येस और नो में से,येस को हमें जिताना है। सही और गलत में से, सही को जिताना है, और पॉजिटिव को नेगेटिव पर हावी करना है।हमें यहां पर पॉजिटिव को शेर बनाना है, और नेगेटिव को चूहा, जिसे भागने के लिए हमारे माइंड का कोई भी कोना ना मिले।
तो सबसे पहले हम यह देखते हैं, कि सेल्फ टॉक की परिभाषा क्या है, उसका डेफिनेशन क्या है❓
डेफिनेशन ( परिभाषा)👉 किसी व्यक्ति का अपने हृदय, अपने मन की अंदरूनी इच्छाओं को जानकर एवं अपने जरुरतों के लिए अपने सबकोंसियस माइंड में बोलकर और लिखकर सकारात्मक तरंगें व परिस्थितियां उत्पन्न करना।
अगर हम अपने आप से, माइंड पर कंट्रोल कर के, अपने हिसाब से, तैयार कर लेते हैं, और यदि हमारे माइंड में, सकारात्मक तरंगे व परिस्थितियां उत्पन्न होना शुरु हो गए, तो उसका फायदा क्या होगा, उसका बेनिफिट क्या होगा, हम यह जानते हैं।
बेनिफिट ( फायदा)👇
1.. हमारे दिमाग में आने वाले सभी नकारात्मक, असंभव लगने वाले, चिंता जनक व उलझन देने वाले, विचारों और तरंगों पर हावी हो जाता है, एवं हमारे विश्वास व निरंतर प्रयास से बनने वाले सकारात्मक व संभव होने वाले शुद्ध व सटीक कर्म में तब्दील कर देता है।2.. यह हमें समझने में मदद करता है और समर्थन करता है, कि हम वास्तव में क्या चाहते हैं।
3.. यह हमारे सपनों को वास्तविकता में बदलने का, उसे महसूस करने का, निर्णय लेने का और कल्पना करने की शक्ति देता है।
- हमें self-talk को कम से कम 21 से 90 दिनों तक करना चाहिए।
- Self-Talk करने का सबसे अच्छा समय सुबह उठने के बाद और रात में सोने से पहले का होता है अगर हम सुबह के 3 से 5 के बीच में कर सकते हैं तो बहुत अच्छा है, क्योंकि इस समय को हम अमृतवेला कहते हैं इस समय हम जो भी काम करते हैं वह बहुत ही दैवीय गुणों से होता है तो इस समय अगर हम self-talk करते हैं तो बहुत ही अच्छा है।
- हमें जो भी सेल्फ टॉक करना है वह केवल वर्तमान काल ( प्रजेंट टेंस )या भूतकाल ( पास्ट टेंस ) में ही करना है हमें कोई भी self-talk को भविष्य काल में ( फ्यूचर टेंस) में नहीं करना है। नहीं करना है। नहीं करना है।
जब हम self talk करते हैं तब हमें अपने माइंड को पूरी तरह से सेट कर लेना चाहिए हमें पूरे विश्वास के साथ विजुलाइजेशन करना है और समर्पण की भावना रखते हुए अपने परम पिता परमात्मा को धन्यवाद करना है, और मन की गहराई से हमें यह महसूस करना है कि, हम जो पाना चाहते हैं वह हमें 1000% मिल चुका है। मिल चुका है। मिल चुका है।
महत्वपूर्ण बिंदु (मोस्ट इंपॉर्टेंट पॉइंट)
हम self talk में जिन बातों पर जोर देते हैं, जिन वस्तुओं व परिस्थितियों को हम विजुलाइज करते हैं, हमारे साथ वही होता है, तो सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यह होता है कि हम बोले क्या❓ तो Self Talk में आप वही बोलिए जो आप चाहते हैं और जो आप नहीं चाहते उसे कभी भी मत बोलिए।
जैसे आप बोल सकते हैं👇
Thank you God मैं अपने मेंटर को तुरंत जवाब दे रही हूं और मेरी टीम भी मुझे तुरंत जवाब दे रही है।
Thank you God मैं और मेरी टीम का हर मेंबर रोज होने वाले ट्रेनिंग क्लासेस को अच्छे से और समय से पहले ही ज्वाइन कर लेते हैं।
Thank you God कि मैं क्वालीफाई करके एक नई अटोमियन डायमंड बन गई हूं आज, आज और आज(1 जनवरी 2021) ही वह भी शाम की 06:00 बजे।
समरी ( सारांश) और इस पूरे टॉपिक का सारांश निकलकर यह आता है की
हमें ईश्वर के प्रति आभार प्रकट करना है और हमें अपने आप को अपने परमात्मा के प्रति पूर्णतः समर्पित कर देना है।
हमें सिर्फ और सिर्फ प्रेजेंट और past टेंस का ही यूज करना चाहिए।
हमें पूरे विश्वास के साथ विजुलाइजेशन करना चाहिए
आप वही बोलिए जो आप चाहते हैं।
हमें लगातार 21 से 90 दिनों तक प्रैक्टिस करना है प्रैक्टिकली लिखकर, बोलकर व महसूस कर के।
हम इसको इस तरह से भी समझ सकते हैं की मनसा वाचा कर्मणा यह हमारी बॉडी में तीन एक्शन है और हमारी संकल्प शक्ति इस पर काम करती हैं मतलब हम माइंड में जो सोचते हैं उसको हम कर्म में लाना चाहते हैं तो माइंड में और कर्म में लाने के लिए एक चैनल काम करता है, वर्बल शक्ति बहुत ही पावरफुल होती है मनसा को हम कंट्रोल नहीं कर सकते, मतलब मन को हम कंट्रोल नहीं कर सकते क्योंकि मन बहुत चंचल होता है, और एक्शन में लाने के लिए हमें बहुत मेहनत करना पड़ता है, क्योंकि हम सोचते तो बहुत कुछ है लेकिन अपनी सभी सोच को हम कर्म में नहीं उतार पाते तो इसलिए अगर
हम 100% सोचते हैं तो सिर्फ 50 % बोलते हैं और 25 % ही अपने कर्मों में ला पाते हैं।क्योंकि अक्सर लोगों के साथ होता है वह सोचते ज्यादा है और उसे अपने कर्मों मैं ला नहीं पाते तो वह लोग डिप्रेशन में चले जाते हैं, तो हमारे मनसा और कर्मणा के बीच जो शक्ति काम करती है वह वाचा यह वर्बल शक्ति बहुत ही स्ट्रांग होती है और हम अपने Self Talk के माध्यम से इसे अपने कर्म में लाते हैं और पूरा करते हैं।
और अगर कोई भी चीज हमें 100% चाहिए तो हमें उसके बारे में 200% या उससे ज्यादा सोचना होगा तब जाकर उस कार्य को हम पूरा कर सकते हैं। अतः हमें अपने self talk को अपनी पूरी शक्ति से यूज करना है, जिससे हम उस मुकाम पर पहुंच सके जहां हम पहुंचना चाहते हैं।
लिखने की सही विधि 👇
बहुत लोगों को कंफ्यूजन होता है कि हमें Self Talk के बारे में बताया तो जाता है पर हम इसकी शुरुआत कैसे करें इसलिए सबसे पहले मैं आप लोगों को उन तीन लाइन के बारे में बताना चाहूंगी जहां से हमारा Self Talk शुरू होता है। उसके बाद आप अपना मनचाहा वस्तु व परिस्थिति, जो आपको चाहिए लिख सकते हैं।
तीन लाइन इस प्रकार से हैं👇
1 थैंक यू गॉड मैं जो भी लिख रहा हूं उसे पूर्ण व संपूर्ण करने की आपसे युक्ति (टेक्निक) विधि (प्रोसेस) & शक्ति (पावर) मिल रही है मिल रही है मिल रही है।
2 शुक्रिया मात - पिता जी आपको दिल से शुक्रिया मैं जो भी गोल सेटिंग कर रहा हूं वह सारे गोल समय से पहले ही पूर्ण एवं संपूर्ण होते जा रहे हैं होते जा रहे हैं होते जा रहे हैं।
3 थैंक्स माई ऑल माइटी अथॉरिटी शिव बाबा मैं प्रतिदिन यह सेल्फ टॉक लिख रहा हूं बोल रहा हूं रिलाइज कर रहा हूं एनालाइज कर रहा हूं फीलिंग एंड फैंथ के साथ वर्बलाइज भी कर रहा हूं साथ साथ रिकॉर्डिंग एंड रिर्पोटिंग सिस्टम फॉलो करके डेली तीन बार आपको एवं अपने अपलाइन LOS को भी भेज रहा हूं भेज रहा हूं भेज रहा हूं। इस self-talk को स्वीकार और संपूर्ण करने के लिए आपको दिल से धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद।
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